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Sudhir990 I have paid the membership fee for free trial for 2 days but I m not able to acess the episode
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tarunluvssavita I have paid the membership fee for 1 year but I m not able to acess the episode
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Coolsam983 I m already a paid customer but i am not to able download the any episode
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Karol Dear Coolsam983,
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Petra
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Shubham kaspate I have paid the membership fee for free trial for 2 days but I m not able to acess the episode
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Petra
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Tush19 I have paid for monthly subscription but I am unbale to login
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Petra
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Ankur Pandya I have paid for monthly subscription but I am unbale to read stories it says upgrade ur subscription.
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Chutreshu कहानी शुरू करने से पहले मै आप सभी को अपने बारे में बता देती हूं। मेरा नाम रेशू है, मेरी शादी को 14 साल हो चुके है। और मै एक बच्चे की मां भी हूं।
पिछले साल ही मैने एक बेटे को जन्म दिया है, मेरे पतीदेव मुझे पूरी तरह से खुश रखते है।
शादी के बाद, दो साल तक हम दोनों लगभग रोज थे। लेकिन कुछ महीनों से मेरे पतीदेव
जिस कारण से वो घर आते आते बहुत थक जाते थे, इसी कारण की वजह से पिछले कुछ महीनों में हमने बहुत कम बार संभोग किया
हालांकि गांव में हमारा अपना घर है। अभी जहां हम रहते है, वहां पडोस में एक और परिवार भी रहता था। उस परिवार में सिर्फ दो लोग ही रहते थे, मतलब सिर्फ मिया बीबी ही।उनकी अभी नई नई शादी हुई थी, और उनकी अब तक कोई संतान नही थी। सीता नाम था उस औरत का, और उसके पतीदेव का नाम बेबी था।
अक्सर दोपहर में सीता हमारे घर मे आ जाय करती थी, फिर हम दोनों बैठकर बातें करते रहते। कभी मै अपने बच्चे को लेकर उसके घर जाती।
बेबी की नजर मुझे शुरू से ही कुछ अजीब सी लगती थी, लेकिन उन्होंने कभी कोई गलत इशारा या हरकत नही की, तो मैंने कभी अपनी आपत्ति नही जताई। बेबी भी अपने ऑफिस से आने के बाद, को देखने के बहाने हमारे घर आते रहते थे।
थोडी देर के साथ रहकर उसके साथ खेलकर फिर चले जाते थे। अभी कुछ दिन पहले, सीता के भाई की शादी थी। तो सीता को उसके मायके जाना था, शादी अपने घर मे थी तो वो कुछ दिन पहले से जाकर तैयारियां करना चाहती थी।
शादी से दो हफ्ते पहले ही सीता अपने मायके चली गई। जाने से पहले वो मुझसे कह गई, “रात में बेबी के लिए खाना बना दिया करूं।”
मुझे कोई दिक्कत नही थी, तो मैने भी हां कर दिया। अब सीता के जाने के बाद, बेबी ऑफिस से आकर पहले फ्रेश होकर अपने कपडे बदल लेते और फिर से खेलने के लिए आ जाते।
तो रात का खाना खाकर ही जाते थे। रात का खाना मै उन्हें अपने पतीदेव के साथ ही देती थी। दो दिन बाद ही मेरे पतीदेव को भी अपने काम के सिलसिले में तीन दिन के लिए बाहर जाना पडा।
अब मेरे घर मे मै और मेरा बच्चा बचे थे, और पडोस में बेबी तिवारी जी। मेरे पति के जाने के बाद, तजी मुझसे अपनी नजदीकियां बढाने की कोशिश करने लगे थे।
लेकिन मै उन पर अधिक ध्यान न देकर सबको अनदेखा कर रही थी। अगले दिन बेबी जी ने अपने काम से छुट्टी ले ली, और पूरा दिन मेरे घर मे मेरे पति के साथ रहने का प्लान बनाया।
उस दिन वो सुबह मेरे उठने से पहले ही हमारे दरवाजे पर दस्तक दे रहे थे। मै उस वक़्त नाइटी में थी, मेरे बाल बिखरे हुए थे। मैने दरवाजा खोला तो सुबह सुबह ही उनको अपने घर मे देखकर मै अचंभित हो गई।
मुझे देखकर वो बोले, “काजल जी आप यूंही सजती सवरती है, बिना सजे धजे ही आप असली खूबसूरत लग रही हो।”
सुबह सुबह आने का कारण पूछा, तो उन्होंने कहा, “आज मेरी छुट्टी है, तो दिनभर घर पर ही हूं।”
अभी भी वो मेरी नाइटी के अंदर अपनी नजर घुसाने की कोशिश कर रहे थे। मुझे देखकर वो अक्सर अपना लंड मेरे सामने ही मसल देते थे।
आज भी उन्होंने वैसे ही मेरे सामने पैंट के ऊपर से ही अपना लंड पकडकर मसलने लगे। तो मैने शरारत में उनसे कहा, “क्या हुआ, भाईसाहब लगता है, किसी की याद आ रही है?”
इतना कहकर मै हंसते हुए घर के अंदर आ गई। मेरे पीछे पीछे बेबी तिवारी जी भी अंदर आ गए। वो भी बेशर्मी के साथ मुझे कहने लगे, “हां अब याद तो आएगी ही ना काजल जी, एक हफ्ता हो गया उसकी लिए। मेरा भी तो मन करता है।”
उनके मुंह से इतनी स्पष्ट तरीके से बात सुनकर मै चुप सी हो गई। मुझे चुप देखकर वो मेरे पास आकर खडे हो गए और मेरे कंधे पर अपना हाथ रख दिया। उनके इस स्पर्श से मेरे पूरे बदन में सनसनाहट सी दौड गई।
जब मैने उन्हें कुछ नही कहा तो शायद उन्होंने इसको मेरी स्वीकृति समझकर पीछे से मुझे अपनी बाहों में भर लिया। मै भी बहुत दिनों से चुदाई की प्यासी थी। अब उनका लंड पीछे से मेरी गांड की दरार में रगड खा रहा था।
मैने उन्हें रोकने के लिए उनसे दूर होते हुए कहा, “यह आप क्या कर रहे हो भाईसाहब, यह ठीक नही है। किसी को पता चला तो मेरी तो बदनामी हो जाएगी।”
इस पर उन्होंने कहा, “काजल जी हम दोनों ही प्यासे है, एक-दूसरे की जरूरतें पूरी कर रहे है। किसी को कुछ पता नही चलेगा।”
इतना कहकर उन्होंने मेरे बालों में अपना हाथ घुसाकर मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए। मै उन्हें रोकना चाहती थी, लेकिन मेरा मन नही मान रह था।
कुछ देर होंठ चूसने के बाद, उन्होंने वहीं किचन में ही मेरी नाइटी को ऊपर उठाना शुरू कर दिया। मैने मना किया तो बेबी नाटो जी ने कपड़ों के ऊपर से ही मेरी चुचियों को मसलना शुरू कर दिया।
दूसरे हाथ से उन्होंने मेरा हाथ लेकर अपने लंड पर रख दिया। उनका लंड काफी मोटा महसूस हुआ मुझे, जिसकी वजह से मै खुद को रोक नही पाई।
मैने खुद उनकी पैंट उतारना शुरू कर दिया, और अगले ही पल उनके नग्न हो चुके लौडे को अपने हथेली में भर लिया। कुछ ही देर में उन्होंने भी वहीं किचन में मुझे पूर्ण रूप से नंगी कर दिया।
अब हम दोनों ही नग्न अवस्था मे एक दूसरे की बाहों में थे। अगले ही पल बेबी नोटो जी नीचे घुटनो के बल बैठ गए, और अपना मुंह मेरी चुत पर रख दिया।
तिवारी जी ने पहले तो मेरी चुत के होठों को अपने होठों में लेकर मसलना शुरू कर दिया, और फिर अपनी जीभ से मेरी चुत को चोदने की कोशिश करने लगे।
अब तक मेरी चुत भी गीली हो चुकी थी, तो बेबी जी ने मुझे वहीं किचन में टेबल पर झुकाकर कुतिया बना दिया। अब मेरी चुत पीछे से उनके सामने थी, तो वो पीछे आकर अपने लंड को मेरी चुत पर रखकर एक हल्का सा धक्का मार दिया।
हांलाकि मेरे पतीदेव ने मेरी चुत चोदकर भोसडा बना दिया था, लेकिन पिछले कुछ महीनों से अनचुदी होने के कारण मेरी चुत थोडी टाइट हो गई थी।
बेबी जी का लंड चुत में जाते ही थोडा सा दर्द हुआ, तो मेरे मुंह से सिसकारी निकल गई। अगले ही पल बेबी जी ने मेरे ऊपर झुककर मेरे दोनों स्तन अपनी हथेली में पकड लिए और एक तेज धक्के के साथ अपना पूरा लंड मेरी चुत में पेल दिया।
अब वो मेरे दूध मसलने के साथ ही मेरी चुत का बाजा भी बजा रहे थे। हर धक्के के साथ उनका लंड मेरी बच्चेदानी से टकरा रहा था। कुछ ही देर में मेरी चुत में हलचल मचने लगी, और मेरी चुत ने पानी छोड दिया।
मेरा हो गया है, पता चलते ही बेबी जी ने भी ताबडतोड तरीके से चुदाई करते हुए मेरी चुत में ही अपना वीर्य भर दिया।
उसके बाद अगले दो दिन तक बेबी जी ने काम से छुट्टी ले ली, और मेरे घर मे ही रहकर मेरी जमकर चुदाई की। मेरे घर का कोई भी ऐसा कोना नही बचा था, जहां हम दोनों ने चुदाई का मजा नही लिया हो।
मेरे पतीदेव आने के बाद, हमे चुदाई के मौके ढूंढने पडते थे, और जब भी मौका मिला हम लग जाते थे चुदाई में।
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Amit Thakur I have paid the membership fee for 1 year but I m not able to acess the episode
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Amit Thakur I have paid the membership fee for 1 year but I m not able to acess the episode
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Sachin Yadav I have paid for monthly subscription but not able to access any content
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